गुरुवार, 12 मार्च 2026

मध्य पूर्व (Middle East) संकट: क्या भारत में महंगी होगी खाद और डीजल? किसानों पर पड़ने वाला असर

 दुनिया के एक हिस्से में चल रहे तनाव का असर अब सीधे हमारे खेतों तक पहुँचने की आशंका है। मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। इसका सीधा असर खाद (Fertilizer) और पेट्रोल-डीजल की कीमतों और उनकी उपलब्धता पर पड़ सकता है।

1. खाद के कच्चे माल पर संकट (UPL की रिपोर्ट के अनुसार)

भारत अपनी खाद जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात (Import) पर निर्भर है। वर्तमान स्थिति के कारण निम्नलिखित चुनौतियां सामने आ रही हैं:

LNG की सप्लाई में बाधा: यूरिया बनाने के लिए जरूरी लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) का एक बड़ा हिस्सा कतर और अन्य खाड़ी देशों से आता है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से उत्पादन लागत बढ़ सकती है।

सल्फर और अमोनिया के दाम: DAP और अन्य कॉम्प्लेक्स खादों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले अमोनिया और सल्फर की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी देखी गई है।

शिपिंग और लॉजिस्टिक्स: लाल सागर (Red Sea) के रास्ते में तनाव के कारण समुद्री जहाजों का किराया और बीमा महंगा हो गया है, जिससे खाद का आयात खर्चीला हो गया है।

2. डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोत्तरी

खेती की लागत में डीजल का बड़ा हिस्सा होता है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में $90 प्रति बैरल के पार जाने की संभावना है। अगर यह स्थिति बनी रहती है, तो भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹2 से ₹5 तक की बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है। इससे ट्रैक्टर चलाने और सिंचाई की लागत बढ़ जाएगी।

3. क्या किसानों को घबराने की जरूरत है? (सरकार का पक्ष)

हालाँकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन भारतीय किसानों के लिए राहत की कुछ बातें भी हैं:

सब्सिडी का कवच: भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह बढ़ी हुई कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं आने देगी और सब्सिडी बढ़ाकर कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास करेगी।

पर्याप्त स्टॉक: खरीफ सीजन के लिए फिलहाल यूरिया और DAP का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है।

4. एग्रीटेक गुरुजी की सलाह (Agritech Guruji's Insight)

इस अनिश्चितता के समय में किसानों को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए:

नैनो यूरिया (Nano Urea) अपनाएं: यह पूरी तरह स्वदेशी है और इस पर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चैन का असर कम पड़ता है।

मिट्टी परीक्षण (Soil Testing): केवल उतनी ही खाद डालें जितनी जरूरत हो, ताकि फिजूलखर्ची से बचा जा सके।

स्टॉक की जानकारी रखें: अपने नजदीकी सहकारी समितियों के संपर्क में रहें ताकि सही समय पर खाद मिल सके।

निष्कर्ष:

मध्य पूर्व का संकट निश्चित रूप से एक चुनौती है, लेकिन सही प्रबंधन और सरकारी सहयोग से हम इसका सामना कर सकते हैं। अपनी खेती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें www.agritechguruji.com के साथ।

शनिवार, 13 दिसंबर 2025

गाज़ीपुर पोलिस करने की मशीन

 



नमस्कार दोस्तों क्या हाल-चाल है दोस्तों अगर आप गाजर की खेती करते हैं या फिर अदरक हल्दी की खेती करते हैं तो आपको भी पता होगा कि उनके साथ मिट्टी चिपक के आती है और जब मिट्टी चिपकी हुई रहती है उसको हम मंडी में बेचने जाते हैं तो उसका हमें सही से भाव नहीं मिलता है तो उस काम को आसान करती है जो आप हमारे पीछे मशीन देख रहे हैं संजीव एग्रो इंडस्ट्री की यह हरियाणा के हिसार जिले में बनती है और आज हम इसी फैक्ट्री में खड़े हैं और इस गाजर धुलाई मशीन के बारे में विस्तार से बातचीत करने वाले हैं तो वीडियो में अंत तक जरूर बने रहें दोस्तों सबसे पहले बात कर लेते हैं कि इसमें गाजर अरबी अदरक हल्दी की सफाई की जा सकती है यानी कि वो चीजें जो जमीन से अपन निकाल रहे हैं उनके साथ मिट्टी है तो उनको आप यहां इस की सहायता से धो सकते हैं कैसे धोएंगे इसके बारे में बातचीत कर लेते हैं दोस्तों सबसे पहले बात कर लें ये बहुत लंबी मशीन दिख रही है आपको डिटेल से जानकारी दूंगा लेकिन अब इसमें मॉडल की बात करें जैसे ये 22 फीट है आपको 24 भी मिल जाएगी 12 भी मिल जाएगी आठ भी मिल जाएगी 16 मिल जाएगी 18 मिल जाएगी वो आपके डिमांड के ऊपर है कि आपको कितने फीट की गाजर धुलाई की मशीन चाहिए अब दोस्तों पूरी की पूरी लोहे की बनी हुई है तो बात लोहे की क्वालिटी की की जाए तो A1 ग्रेड का इसमें लोहा लगा है जो कि सालों साल चलेगा और इसमें कम से कम जंग लगेगा क्योंकि पानी के साथ ही चलना तो जंग की समस्या रहती है इसलिए अच्छी क्वालिटी का लोहा होना बहुत जरूरी रहता है अब दोस्तों इस मशीन की शुरुआत करें सबसे पहले इंजन से आपको ट्रैक्टर की सहायता से तो मशीन को पानी के होद के पास ले जाके छोड़ देनी है चाहे नहर हो चाहे कुआं हो पानी का स्रोत पास में होना चाहिए फिर उसके बाद में किलोस्कर का 12 एचपी का डीजल इंजन लगा हुआ है जब इसको चालू करेंगे तो ये मशीन को भी घुमाएगा पूरी की पूरी और साथ ही साथ पानी को भी उठाएगा और इस मशीन में देगा ठीक है जी यहां से डालेंगे हम गाजर ट्रैक्टर पूरा का पूरा यहां इसके पास में लग जाएगा और यहां से गाजर डालेंगे गाजर डल के अंदर की तरफ जाएगी यहां से घूमते घूमते घूमते घूमते आखिरी में उस तरफ जाएगी सबसे पहले अगर उसमें चेचिस की बात करें तो छती के एंगल के साथ आपको चेचिस मिलेगा क्योंकि इतनी बड़ी मशीन है अंदर गाजरे आएगी पानी आएगी तो वजन भी आएगा तो उसके लिए मजबूत चीजें होनी चाहिए ये रिंग लगी हुई है ये सपोर्ट की सहायता से ही मशीन घूमती यहां पे ये देख सकते हैं आप ये एच लगा हुआ है इसके अलावा बात करें तो इसको आपको लुब्रिकेंट रखना पड़ेगा तो यहां पे आप ऑयल डाल देंगे आप जितना देना है या तो परमानेंट हल्का-हल्का वाल खोल दो या जब देना जब देके के वापस वाल्व को आप बंद कर सकते हो यह हर व्हील के साथ यानी कि दिया गया है यहां से घूमती घूमती घूमती आगे तक आ जाएगी अब दोस्तों यहां पे दिया हुआ जाल जो कि लोहे के सरियों से बना हुआ जाल है आपको दिखाई दे रहा होगा और इधर यह फाइबर लगाने का कारण है कि यहां से फिर पानी उछल के इस तरफ नहीं आए अंदर ही मशीन के रहे तो यह जाल दिया हुआ है अब साथ ही साथ पानी अंदर आता रहेगा गाजर धुलती रहेगी उसके बाद आखरी में मिट्टी के साथ पानी वापस यहां आ जाएगा अगर आप किसी नहर से उठा रहे हैं तो वापस उसी नहर में पानी चला जाएगा यह सारे ऑयल के ही वाल्व दिए गए हैं इसके अलावा यह जैक दिया हुआ है आप मशीन की हाइट को एडजस्ट करने के लिए यानी कि बैलेंस बराबर बनाने के लिए अगर ऊपर कपड़ जमीन भी है तो ये दिया गया इसको घुमा के आप उसके अनुसार सेट कर सकते हैं जब गाजर हम धोएंगे अंदर डाल देंगे उसके बाद में अगर यहां से पानी साफ आना चालू हो जाता है तो हमें समझ में आ जाएगा कि गाजर की धुलाई हो चुकी है और यहां से इसको खींचेंगे तो गाजर बाहर की तरफ आनी शुरू हो जाएगी ठीक है जी एक वाल्व पानी का यहां दिया गया है जब आखिरी में भी जब गाजर बाहर आएगी तो पानी पर धुल के आएगी दोस्तों ये मॉडल दिख रहा है ये सिंपल मॉडल अगर आप इसमें चाहते हैं कि आपकी गाजर या हल्दी अदरक पे एक्स्ट्रा शाइनिंग चमक आ जाए तो एक स्पेशल प्रकार का यहां पे एक पत्थर लगता है दोनों साइड में लग जाता है जिससे कि और ज्यादा सफाई के साथ गाजर निकलती है बाहर और उसकी बढ़ जाती है चमक तो वो पत्थर भी मिल जाएगा इसके बाद में यह पूरा का पूरा कन्वेयर मिलेगा कन्वेयर से वहां से गाजर यहां तक आएगी यहां पे आप सीधी बोरी लगा के बोरी को भर सकते हैं यानी कि आपको गाजर नीचे गिरा के उठाने की जरूरत नहीं है कन्वेयर से चलती हुई गाजर आती रहेगी और आप यहां पे बोरी भरते रहेंगे और ये कन्वेयर पूरा का पूरा फोल्डेबल है यानी कि आपको यहां से चार बोल्ट खोल के और इस जगह पे लगा सकते हैं वापस अगर शाम को आप मशीन ले जा रहे हैं घर अगर आपको रोज गलाना ले जाना है तो आप इसको यहां पे लगा के ले जा सकते हैं और अगर एक ही जगह खड़ी तो लगा के रख सकते हैं इस कन्वेयर को चलाने के लिए यहां से इसको गियर से पावर दिया हुआ है जो कि कन्वेयर को चलाता है ये है 10 फीट का कन्वेयर अब कन्वेयर बोरी तो मैंने जैसा कि बताया वहां से अपन बोरी भरेंगे लेकिन गाजर सीधी खेत से उखड़ के आती है धुलाई हो सके तो मशीन से बाहर आ गई अब उसकी ग्रेडिंग भी जरूर रहती है ना अगर मान लो कोई खराब गाजर कटी फिटी टूटी गाजर जाएगी तो उसको भाव नहीं मिलेगा तो पांच आदमी इधर खड़े हो सकते हैं और पांच आदमी उधर खड़े हो सकते हैं और वहां से वो छटनी करके खराब गाजर को उठाने का काम भी कर सकते हैं तो कन्वेयर दोनों काम कर रहा है बोरी भी आगे जाके भर रहा है और साथ ही साथ यहां पे ग्रेडिंग करने का काम भी हो रहा है तो ये छोटा सा सिस्टम है लेकिन काफी यूनिक सिस्टम है ये जब आप बोरी भर रहे हैं और बोरी हटा रहे हैं दूसरी बोरी लगा रहे हैं जब तक गाजर नीचे नहीं गिरे तो आप इसको लगा देंगे तो गाजर कन्वेयर पे ही इकट्ठी हो जाएगी जब तक आप दूसरी बोरी लगाओगे तो गाजर नीचे नहीं गिरेगी और आपका समय बचेगा और मेहनत भी बचेगी अब जैसे दोस्तों इसमें टायर की बात करें तो 825 16 के इसमें टायर हैं अब जैसे कि आप छोटी मशीन लेते हैं तो हो सकता है उसमें टायर साइज चेंज आ जाए लेकिन इसमें ये मिल रहा है इसके अलावा आपने एक चीज नोट करी दोस्तों इंजन का साइलेंसर तो यहां लगा हुआ है लेकिन जो इसका एयर फिल्टर है वो यहां पे दिया गया है एयर फिल्टर यहां देने का कारण है कि गाजर आती है खेत से और यहां पे डाली जाती है मशीन में तो उसके साथ धूल मिट्टी डस्ट वगैरह उड़ती रहती है तो वो इंजन में ज्यादा जाने की संभावना है तो इसको लगा दिया यहां पे इतना दूर ताकि इंजन में कोई कचरा नहीं जाए और लगातार यह काम करता रहे दोस्तों इस गाजर सफाई मशीन में आपने एक चीज नोट करी है कि इसमें पानी का बाहर पाइप कहीं नहीं दिख रहा जबकि दूसरी मशीन आप देखते हैं तो उसमें पानी का पाइप बाहर की तरफ रहता है इसमें इनबिल्ट अंदर दिया गया है ताकि बाहर कोई पाइप नहीं है सारा का सारा अंदर ही दिया गया है और यह सिर्फ संजीव एग्रो इंडस्ट्री की मशीनों में ही आपको देखने को मिलेगा अब दोस्तों बात करें इसके पंखे की तो पंखा आपको ऑयल वाला दिख रहा है यानी कि इसमें ऑयल का पंखा मिलेगा ग्लन वाला नहीं मिलेगा दूसरी बात करें तो यह 3 इंच पानी उठाएगा और इस वाल को खोलेंगे तो सीधा अंदर पानी जाना शुरू हो जाएगा यह वाल्व अगर खोलते हैं जहां से गाजर डाल रहे हैं वहां से भी पानी गिरना शुरू हो जाएगा और ये एक वाल्व और दिया गया है यह सबसे पहले इसमें पानी डालना रहेगा क्योंकि खाली पंखा पानी नहीं उठाता है तो यह उसका काम करेगा बाकी बढ़िया क्वालिटी का पंखा है ताकि यह लगातार चलेगा कहीं कोई मेंटेनेंस की जरूरत नहीं है इसमें अगर आपका पानी का स्रोत थोड़ा सा दूर है तो यह 70 से 80 फीट दूर से भी पानी खींच के लेके आ जाएगा अगर आपका जैसे कि पानी का टैंक है या फिर 2030 फीट का कुआं है तो उस कुएं से भी यह पानी उठा सकता है अब दोस्तों गाजर डालने के लिए या खड़े होने के लिए स्टैंड दिया गया है अगर आपको ऊपर चढ़ना है तो यह पैरदान यहां दिया गया है और यह हत्ता पकड़ के आप यहां पे ऊपर चढ़ सकते हैं इसके अलावा अगर बात करें तो पानी उठाने के लिए जो इसके साथ पाइप मिलता है 30 फीट का फुटबॉल के साथ उसको टांगने के लिए यह स्टैंड भी यहां दी गई है इसके अलावा दोस्तों आखिरी खासियत इसकी बताना चाहूंगा मैं इसमें जो ये चद्दर लगा हुआ है आप देख सकते हैं ये अंदर की तरफ उभरा हुआ है यानी कि इसको मच्छी वाला चद्दर कहते हैं इसका उभार अंदर होने की वजह से गाजर जब इसके ऊपर चलेगी तो अच्छे से रगड़ाई होगी गाजर की जिससे कि उसकी चमक बढ़ जाएगी अब दोस्तों कैसी लगी ये कमाल की मशीन आपको कमेंट करो और इस मशीन को आपको खरीदना तो ये नंबर दिए गए हैं यहां पे संपर्क कर सकते हैं इसके अलावा डिस्प्ले पे नंबर दिए गए हैं वहां पे भी संपर्क कर सकते हैं वीडियो का डिस्क्रिप्शन चेक करें कमेंट पिन में जाके चेक करें सभी जगह आपको नंबर मिल जाएंगे अगर आप हिसार में आके फैक्ट्री में देखना चाहते हैं तो हरियाणा हिसार में आके इस फैक्ट्री में आप इस मशीन को देख सकते हैं बाकी अगर आप घर बैठे मंगवाना चाहते हैं तो होम डिलीवरी के तहत आपको मशीन घर तक भिजवा दी जाएगी इसकी कीमत और कैसे आपके घर तक मशीन भिजवाई जाएगी इसकी जानकारी के लिए डिस्प्ले पे नंबर डिस्प्ले पे नंबर दिए गए जहां पे आप संपर्क करना बिल्कुल ना भूलें वीडियो अच्छा लगा लाइक कर दे फॉलो कर दे शेयर कर दे वीडियो को और मशीन कैसी लगी यह बात तो आपको कमेंट करके हमें बताना ही है वीडियो को Facebook पे देख रहे हैं फॉलो करें YouTube पे देख रहे थे सब्सक्राइब करें क्योंकि खेती किसानी और मशीनों के ऐसे वीडियो हमेशा आपको मिलते रहते हैं तो मिलते हैं दोस्तों बहुत ही जल्द एक नए वीडियो में जब तक के लिए जय जवान जय किसान

आप इस टेक्स्ट का इस्तेमाल अपने ब्लॉग के लिए कर सकते हैं।

वीडियो लिंक: https://youtu.be/L4ueDe40Gbs


शनिवार, 25 अक्टूबर 2025

🥜 MSP का 'जाल': राजस्थान की मूंगफली खरीद का सिर्फ 25% सच!

 MSP ₹7,263, मगर टोकन बंद—राजस्थान का किसान क्यों बेच रहा औने-पौने दाम पर?

राजस्थान के मूंगफली किसान हर साल MSP की उम्मीद करते हैं, लेकिन सरकार की सीमित खरीद योजनाएँ इस उम्मीद को तोड़ देती हैं। नवीनतम लाइव डेटा इस कड़वी हकीकत को चीख-चीखकर बता रहा है।

⚖️ वादा और हकीकत: कितना MSP, कितनी खरीद?

| MSP दर | ₹7,263 प्रति क्विंटल (खरीफ 2025–26) |

|---|---|

| खरीद सीमा | 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक |

| सरकारी लक्ष्य | कुल उपज का केवल 25% (चित्तौड़गढ़, 26-10-2025) |

परिणाम: किसान को ₹7,263 के वादे के बावजूद, उसकी बाकी उपज मंडी में अक्सर MSP से कम दाम पर बेचनी पड़ती है।

🛑 लाइव डेटा: टोकन की ताला बंदी

आज की रिपोर्ट MSP खरीद की सबसे बड़ी समस्या को उजागर करती है—अवसरों की कमी:

 * लिमिट पूरी, बुकिंग बंद: चित्तौड़गढ़ में केवल 4023 किसानों के लिए बुकिंग खुली और लक्ष्य पूरा होते ही तुरंत बंद कर दी गई।

 * बाहर हुए किसान: किसान नेताओं के अनुसार, एक-तिहाई किसान भी पंजीकरण नहीं करा पाए और अब मजबूर हैं।

 * असमान वितरण: खरीद केंद्र जैसे भादसौड़ा को मात्र 481 क्विंटल का लक्ष्य मिला—यह दिखाता है कि MSP केवल कुछ किसानों के लिए है, सबके लिए नहीं।

> 💬 किसान का दर्द: "सरकार तो ₹7,263 का नारा देती है, पर टोकन मिला सिर्फ 25 क्विंटल का। बाकी उपज मंडी में घाटे में देनी पड़ी। ये MSP नहीं, मजबूरी है!"

🚜 किसान की मांग: MSP को गारंटी बनाओ!

जब तक ये संरचनात्मक कमियां दूर नहीं होंगी, किसान को राहत नहीं मिलेगी:

 * सीमा उन्मूलन: 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की खरीदी सीमा को तत्काल खत्म किया जाए।

 * समान अवसर: हर जिले में पर्याप्त गोदाम और खरीद केंद्र खोलकर, MSP खरीद को समान बनाया जाए।

 * कानूनी गारंटी: MSP पर खरीद को केवल नीति नहीं, बल्कि किसानों का कानूनी अधिकार बनाया जाए।

निष्कर्ष

MSP को अपना असली मूल्य दिखाने के लिए, सरकार को '25% लक्ष्य' से आगे बढ़कर '100% सुरक्षा' की गारंटी देनी होगी।

मांग साफ है: सीमा बढ़ाओ! हर किसान को ₹7,263 का पूरा लाभ दिलाओ! 🌾

बुधवार, 29 मई 2024

बीज को वर्षों तक सुरक्षित रखने का देसी तरीका

 दोस्तों आज की इस वीडियो में


हम आपको बहुत ही जबरदस्त ट्रिक  बताने वाले हैं जिसकी सहायता सेआप अपनी फसल के बीज को वर्षों तक सुरक्षित रख सकते हैं उसके लिए आपको एक बड़ा सा मटका ले लेना है मिट्टी का उसमें बी भरने के बाद बालू रेत कोभर देना है और ऊपर कपड़ा बांध की सुरक्षित छाव में रख देना है अब आपका बीज वर्षों तक सुरक्षित हैं 

इस प्रक्रिया को अगर आपको वीडियो में देखनाहै तो यहां पर क्लिक करें 


रविवार, 18 सितंबर 2022

जानिए सरसों की उन्नत किस्म आरएच 725 किस्म क्यों बन रही किसान की पहली पसंद


 भारत में सरसों की खेती (Sarso Ki Kheti) को महत्वपूर्ण तिलहनी फसल माना जाता है, जो मुख्यतया उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, असम और गुजरात में उगाई जाती है, किसान भाई सरसो की फसल से अधिक उत्पादन लेने के लिए काफी सारी अधिक उत्पादन वाली किस्मे काम में लेते हैं, इसी कड़ी में एचएयू में सरसों की नई किस्म RH 725 विकसित की। इस किस्म से अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है, इसलिए यह किस्म किसानों के लिए बहुत लाभदायक है। तो आइये जानते हैं इस किस्म के बारे में:-



आरएच 725 किस्म की विशेषताएं:-
सरसों की RH 725 किस्म के प्रजनक डा. राम अवतार ने इसकी विशेषताओं के बारे में बताते हैं-
यह प्रजाति 136 से 143 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है।

इसकी फलियां लंबी होती हैं व फलियों में दानों की संख्या 17-18 तक है तथा दानों का आकार मोटा है।

इनके अतिरिक्त इसकी फलियों वाली शाखाएं लंबी होती हैं एवं उनमें फुटाव भी ज्यादा है।
ऐसे में कोहरे और सर्दी की अधिकता के अनुमान को देखते हुए किसानों के लिए सरसों फायदे का सौदा हो सकती है।
गेहूं के साथ सरसों की अच्‍छी फसल किसानों को नुकसान होने से बचा पाती है। सरसों की ये वैरायटी काफी पसंद भी की जा रही है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
9799371621

सोमवार, 19 अप्रैल 2021

किसानों को एक में मिलेंगे 3 ट्रैक्‍टर के फायदे! भारत में Solis Hybrid 5015 लॉन्‍च

 किसानों के लिए तमाम मुश्किलों के बीच एक अच्‍छी खबर सामने आई है. अब भारतीय बाजारों में ऐसा ट्रैक्‍टर आ चुका है, जिसमें किसानों को तीन ट्रैक्‍टर का फायदा मिलेगा






. दरअसल, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड (ITL) ने सॉलिस यांमार रेंज (Solis Yanmar range) के तहत नए सॉलिस हाइब्रिड 5015 (Solis Hybrid 5015) ट्रैक्टर को भारत में लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने भारतीय बाजार में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 7.21 लाख रुपये निर्धारित की है. कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है. भारत में ई-पॉवरबूस्ट (E-Power boost) तकनीक लाने वाली आईटीएल पहली ट्रैक्टर निर्माता है.



60 हॉर्सपावर का ये ट्रैक्‍टर देता है 45HP ट्रैक्‍टर का माइलेज



नए सॉलिस हाइब्रिड 5015 ट्रैक्टर को लॉन्च करने के बाद कंपनी ने फोर-व्हील-ड्राइव ट्रैक्टर सेगमेंट (4WD Tractor) में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक रमन मित्तल ने कहा कि सॉलिस हाइब्रिड 5015 तीन ट्रैक्टरों का परफॉर्मेंस देता है. यह 50 हॉर्सपावर ट्रैक्टर (50HP) है, जो जरूरत के हिसाब से 60 हॉर्सपावर ट्रैक्टर जैसा परफॉर्मेंस देता है. वहीं, यह 45 हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टर जैसा माइलेज (Mileage) देता है. ऐसे में किसान को सॉलिस हाइब्रिड 5015 में एकसाथ तीन ट्रैक्टर का फायदा मिलता है.



ट्रैक्‍टर का डीजल इंजन देता है 60bhp की पावर परफॉर्मेंस


सॉलिस हाइब्रिड 5015 ट्रैक्टर में पावर के लिए डीजल इंजन दिया गया है. ये इंजन इलेक्ट्रिक मोटर से कपल्ड है. यह ट्रैक्टर करीब 60 bhp की पावर परफॉर्मेंस देता है. इसमें दी गई हाईब्रिड तकनीक इसके माइलेज को बढ़ाने का काम करती है. इसके डैशबोर्ड में पावर बूस्टर स्विच दिया गया है. इसके अलावा इसमें हैंड ऑपरेटर लिवर दिया गया है. इसकी मदद से ड्राइवर पावर अडजस्टमेंट के जरिये ट्रैक्टर की परफॉर्मेंस को जरूरत के आधार पर बढ़ा सकता है. इसमें दिया एडवांस्ड व्हीकल कंट्रोलर ट्रैक्टर की एनर्जी को मॉनिटर करता है.


बुधवार, 3 जून 2020

सब्जियों की खेती को आपदा को अवसर में बदला innovativefarmers - Agritech Guruji

नमस्कार दोस्तों Agritech Guruji में आपका स्वागत है

 मैं हूं आपका दोस्त सुरेश जाट



 दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं युवा प्रगतिशील किसान भेरुलाल जी विजय से इन युवाओं प्रगतिशील किसान ने भारत में लोग डाउन की स्थिति में भी आपदा को अवसर में बदलकर सब्जियों की खेती की और अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं कैसे खेती कर रहे हैं और मुनाफा किस प्रकार कम आ रहे हैं